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रविवार, 2 जनवरी 2011

रात आई - रात आई



रात आई - रात आई
आसमान में अँधेरा लाई
सड़को पर सन्नाटा लाई
सबकी आँखों में नींद लाई
मन में नए नए सपने लाई
शारीर की सारी थकान हटाई
हमको फिर से नया बनाने आई
रात आई रात आई ...........
...........के.एम्.भाई